He Hans Vahini Lyrics

हे हंसवाहिनी ज्ञान दायिनी

अम्ब विमल मति दे

अम्ब विमल मति दे

हे हंसवाहिनी ज्ञान दायिनी

अम्ब विमल मति दे

अम्ब विमल मति दे

जग सिरमौर बनाएँ भारत

वह बल विक्रम दे

वह बल विक्रम दे

हे हंसवाहिनी ज्ञान दायिनी

अम्ब विमल मति दे

अम्ब विमल मति दे

साहस शील हृदय में भर दे

जीवन त्याग-तपोमय कर दे

साहस शील हृदय में भर दे

जीवन त्याग-तपोमय कर दे

संयम सत्य स्नेह का वर दे

स्वाभिमान भर दे

संयम सत्य स्नेह का वर दे

स्वाभिमान भर दे।

हे हंसवाहिनी ज्ञान दायिनी

अम्ब विमल मति दे

अम्ब विमल मति दे

लव-कुश ध्रुव प्रहलाद बनें हम

मानवता का त्रास हरें हम

लव-कुश ध्रुव प्रहलाद बनें हम

मानवता का त्रास हरें हम

सीता सावित्री दुर्गा मां

फिर घर-घर भर दे

सीता सावित्री दुर्गा मां

फिर घर-घर भर दे।

हे हंसवाहिनी ज्ञान दायिनी

अम्ब विमल मति दे

अम्ब विमल मति दे

अम्ब विमल मति दे

Categories: